Saturday, 21 January 2017
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My Cherry Blossom
चेरी ब्लाॅसम के फ़ूलों सा तुम्हारा प्यार प्रिये रखा है मैंने आज भी संजोकर! ये मत पूछो... कहाँ? ये पूछो- कहाँ-कहाँ... जेहन में, दिल की अतल ग...
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बहुत हुआ सुनना सुनाना आओ कुछ घडी चुप बैठें, तुम कुछ मुझे समझो आओ कुछ मैं तुम्हे जानूँ. फिर करेंगे चाँद की बातें आज तु...
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ख्वाहिशें..... आपकी बातों सी, मुस्कराहटों सी रूप ले रही हैं ख्वाहिशें, अब मेरी। पैदल नहीं- उड़ रही हैं पहन रही है रंग नित नये, ख्वाहि...
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लिफाफा एक लिफाफा- रोज हमें जोड़ता है, हर शाम.. हर पल.. तोड़ता है; मौन- जो पसरा है आसपास- ये लिफाफा हमारी भावनाओं, अंदरूनी गिले-शिकवों...
Nice artical
ReplyDeleteNice
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ReplyDeleteबहुत अच्छा सरल एवं सहज शब्दो का प्रयोग।
ReplyDeleteबहुत अच्छा सरल एवं सहज शब्दो का प्रयोग।
ReplyDeleteकीप गोइंग !
ReplyDeleteकीप गोइंग !
ReplyDeleteकीप गोइंग !
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