Saturday, 21 January 2017



"अँधेरा आने के लिए खिड़की दरवाजे की जरुरत नहीं होती .

नहीं तो रात में आते हुए अँधेरे को खिड़की-दरवाजे बंद कर रोक देते, 

कमरे में इकट्ठे हो गए अँधेरे को बुहार देते."


साभार - खिलेगा तो देखेंगे - 
* विवेक कुमार शुक्ल
 

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