चेरी ब्लाॅसम के फ़ूलों सा तुम्हारा प्यार प्रिये
रखा है मैंने आज भी संजोकर!
ये मत पूछो... कहाँ?
ये पूछो- कहाँ-कहाँ...
जेहन में, दिल की अतल गहराईयों में,
पलकों पर, कपोल पर, होंठों के कोनों पर
कलाई पर, हथेलियों पर
सब गुलाबी है चेरी ब्लाॅसम के फूलों सा...
जैसे ही समय मिलता है
या जैसे ही मैं
थोड़ा... सा समय चुरा लेती हूँ
फिर बस, तुम होते हो चेरी ब्लाॅसम के फूलों से;
चारों ओर खिले गमकते हुए और ...
और होती हैं तुमसे ढेरों बातें
रूठना-मनाना सब मेरे हिस्से
और तुम्हारे हिस्से
बस खिलना-खिलखिलाना प्रिये!
रखा है मैंने आज भी संजोकर!
ये मत पूछो... कहाँ?
ये पूछो- कहाँ-कहाँ...
जेहन में, दिल की अतल गहराईयों में,
पलकों पर, कपोल पर, होंठों के कोनों पर
कलाई पर, हथेलियों पर
सब गुलाबी है चेरी ब्लाॅसम के फूलों सा...
जैसे ही समय मिलता है
या जैसे ही मैं
थोड़ा... सा समय चुरा लेती हूँ
फिर बस, तुम होते हो चेरी ब्लाॅसम के फूलों से;
चारों ओर खिले गमकते हुए और ...
और होती हैं तुमसे ढेरों बातें
रूठना-मनाना सब मेरे हिस्से
और तुम्हारे हिस्से
बस खिलना-खिलखिलाना प्रिये!



